भविष्य पुराण

Bhavishya Puran PDF in Hindi Download | भविष्य पुराण PDF डाउनलोड श्लोक सहित

Bhavishya Puran PDF in Hindi Download | भविष्य पुराण PDF डाउनलोड श्लोक सहित

Bhavishya Puran PDF: हिंदू धर्म में कई तरह के अलग-अलग पुराणों का वर्णन थी उसी तरह से यहां पर भविष्य पुराण का भी उल्लेख आता है। भविष्य पुराण एक ऐसा पुराण है, जिसमें भविष्य में होने वाली घटनाओं का वर्णन मिलता है। इससे पता चलता है कि, इसमें आपके जन्म से बहुत पहले ही भविष्य पुराण में महर्षि वेदव्यास ने पुराण ग्रंथ लिखते समय मुस्लिम धर्म के उद्भव और विकास तथा इस्लाम और इसाई धर्म के विषय में भी लिख दिया था।

भविष्य पुराण की विशेषता

भविष्य पुराण वर्तमान आधुनिक इतिहास का भी वर्णन करता है। इसके प्रति इस पर्व के तृतीय तथा चतुर्थ खंड में इतिहास की महत्वपूर्ण सामग्री भी विद्यमान है। इसमें मध्यकालीन हर्षवर्धन महाराजा पृथ्वीराज चौहान महावीर बप्पा रावल आदि हिंदू राजाओं और अलाउद्दीन मोहम्मद बाबर आदि का भी वर्णन मिलता है। इसके मध्य पूर्व में समस्त कर्मकांड का निरूपण है।

भविष्य पुराण में श्लोक की संख्या लगभग 50000 होना चाहिए, परंतु वर्तमान समय में इसमें कुल 14000 श्लोक ही उपलब्ध है, विषय वस्तु वर्णन शैली तथा काव्य रचना की दृष्टि से भविष्य पुराण महत्वपूर्ण खंडो में से एक माना गया है।

भविष्य पुराण की महिमा

भविष्य पुराण के अंदर भगवान सूर्यनारायण की महिमा का भी उल्लेख मिलता है और उनके स्वरूप और उनके पूजा उपासना विधि का भी विस्तार से उल्लेख इसमें किया गया है। इसलिए इसे सूर्य पुराण ग्रंथ भी कहा जाता है।

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भविष्य पुराण में यह भी लिखा गया है कि जब कलयुग का अंत होगा तब कल्कि अवतार होगा या बाद ब्रह्मा विष्णु पुराण में भी लिखी हुई है। एक वक्त ऐसा आएगा जब यह सृष्टि नफरत और भयानक क्यों लिखते हो जाएगी और हर तरफ बस युद्ध का माहौल होगा तो पृथ्वी पर भगवान विष्णु कल्कि अवतार लेकर जन्म लेंगे।

इसके साथ ही अभी बताया गया है कि, कलयुग के 5000 साल बाद पवित्र गंगा नदी उल्टी बहने लगेगी और वापस बैकुंठ लूट जाएगी माना जाता है ,कि कल किधर साल सोलवा सभी देवी-देवता पृथ्वी का पवित्र स्थान छोड़कर जाने लग जाएंगे।

भविष्य पुराण की भविष्यवाणी | Bhavishya Puran in hindi

भविष्य पुराण 4 प्रमुख पर्वों (ब्रह्म, मध्यम, प्रतिसर्ग तथा उत्तर) में विभाजित है। ऐतिहासिक घटनाओं का वर्णन प्रतिसर्ग पर्व में वर्णित है। इसके प्रतिसर्ग पर्व के 3 तथा 4 खंड में इतिहास की जानकारी दी गई है। भविष्य पुराण में भारत के राजवंशों और भारत पर शासन करने वाले विदेशियों के बारे में स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

Bhavishya Puran PDF in Hindi

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