डायरी लेखन की परिभाषा

डायरी लेखन (Diary Lekhan) की परिभाषा, इसकी विशेषता, लाभ और उदाहरण

डायरी लेखन (Diary Lekhan) की परिभाषा, इसकी विशेषता, लाभ और उदाहरण

Diary Lekhan: दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम आपको डायरी लेखन के बारे में विस्तार से बताने वाले है, साथ ही डायरी लेखन की परिभाषा क्या होती है, इसके बाद भी जानकारी देंगे दलाली लेखन संबंधी जानकारी खोज रहे हैं, तो आप सही जगह पर आए हैं तो चलिए शुरू करते हैं।

डायरी लेखन की परिभाषा

डायरी लेखन की परिभाषा

कई लोगों की आदत होती है कि, डायरी लेखन कार्य के बाप ने भावनाओं और आपने अभी व्यक्तियों को उन्हें डायरी में लिख कर रखते हैं। अपनी भावनाओं था किसी प्रकार की जानकारी को डायरी में लिखने की प्रक्रिया को ही यहां पर डायरी लेखन कहा जाता है। वही साधारण शब्दों में कहें तो जब कोई व्यक्ति दिनभर की घटनाओं तथा अपने साथ हुए अच्छे और बुरे अनुभवों को क्रमबद्ध रूप से देखता है तो, उसे डायरी लेखन कहा जा सकता है।

डायरी लेखन का उपयोग क्यों किया जाता है?

जब भी कोई व्यक्ति अपनी भावनाओं को व्यक्त करता है या फिर अपने सपनों को रिकॉर्ड करके लिखित में रखना चाहता है, तब इस तरह की चीजों को खूबसूरत अंदाज में लिखता है। इसे ही डायरी लेखन का उद्देश्य माना जाता है। डायरी लेखन एक निजी तथा बेहद खूबसूरत माध्यम होता है, इसमें आप निजी अनुभव प्रतिदिन घटित होने वाली घटनाओं और अपने संपर्क में आए व्यक्तियों तथा नया अनुभव को देख सकते हैं।

इसके साथ ही आपके साथ नहीं घटना वादी का संक्षेप में वर्णन भी मिलता है। दैनिक डायरी को दैनिक लेखन डायरी में कहा जाता है। डायरी लिखने के पीछे लेखक का मुख्य उद्देश्य जीवन में घटित घटनाओं को लंबे समय तक याद रखना होता है। डायरी लेखन व्यक्ति के द्वारा लिखे गए व्यक्तिगत अनुभवों, सोच तथा भावनाओं को लिखित रूप में अंकित करके बनाया गया एक संग्रह है। विश्व में कईं महान व्यक्ति डायरी लेखन करते थे। जिनके निधन के बाद भी डायरी से प्राप्त उनके अनुभवों से कईं लोगों को प्रेरणा मिलती है।

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डायरी लेखन की विशेषता

  • डायरी गद्य साहित्य की एक प्रमुख विधा है।
  • इसमें लेखक आत्म साक्षात्कार करता है और वह स्वयं से सम्प्रेषण की स्थिति में होता है।
  • डायरी लेखन ने व्यक्ति अपनी निजी जिन्दगी के बार में लिखता है।
  • डायरी लेखन हिन्दी साहित्य में मुख्यत, छायावादोत्तर युग (छायावाद के बाद का समय) की आत्मपरक विधा है।
  • डायरी एक निजी सम्पत्ति मानी जाती है, जो किसी व्यक्ति की अपनी मानसिक सृष्टि तथा अंतर्जगत है।
  • व्यापक कलेवर धारण करके डायरी एक महत्त्वपूर्ण साहित्यिक विधा के रूप में सामने आती है।

डायरी लेखन करते समय महत्वपूर्ण बातें

डायरी लेखन करते समय इन बातो का जरुर ध्यान रखे –

  • डायरी लेखन करते समय पृष्ठ में सबसे ऊपर तिथि, दिन तथा लिखने का समय अवश्य लिखना चाहिए।
  • इसे व्यक्ति को सोने जाने से पहले करना चाहिए, ताकि पूरे दिन में घटित सभी विशेष घटनाओं को लिख सके।
  • डायरी में हस्ताक्षर अवश्य करे
  • लिखते समय सरल तथा स्पष्ट भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
  • डायरी में विवरण यथासंभव संक्षिप्त रहना चाहिए।
  • लिखते समय अपने अनुभवों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करे ।
  • जिस दिन के बारे में लिखा है, उसकी तिथि का जिक्र अवश्य करना चाहिए।
  • डायरी में अपना विश्लेषण, समाज, आदि पर प्रभाव तथा निष्कर्ष भी दर्ज होना चाहिए।

डायरी लेखन के उदाहरण

डायरी लेखन के उदाहरण
डायरी लेखन के उदाहरण निम्न प्रकार है:-

1. पुरस्कार प्राप्त होने के बाद हुई प्रसन्नता
जयपुर
21 फरवरी 2023, सोमवार
रात्रि 9:30 बजे

आज का दिन बहुत अच्छा बीता। विद्यालय की प्रार्थना सभा में सभी विद्यार्थियों के सामने मुझे अंतर्विद्यालयी काव्य-पाठ प्रतियोगिता में जीता गया पुरस्कार दिया गया। घर आने पर मैंने माताजी-पिताजी को पुरस्कार दिखाया, तो वे दोनों फूले नहीं समाए। दादी माँ ने मुझे आशीर्वाद दिया। अब मैं खाना खाने के बाद सोने जा रहा हूँ।

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सूरज रावत
2. सत्रांत परीक्षा की तिथि की घोषणा पर होने वाली प्रतिक्रिया
जयपुर
21 फरवरी 2023, सोमवार
रात्रि 9:30 बजे

सब को छोड़कर पीछे अव्वल आना है,
है वक्त पूरा करने का जो ठाना है।

आज वार्षिक परीक्षा की सूचना प्राप्त हुई। न जाने क्यों मेरे मन में तरह-तरह की आशंकाएं तिरने लगीं। जब-जब परीक्षा की घोषणा होती है, मेरा दिल दहल जाता है। हर बार सोचता हूँ कि कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए अपेक्षित मेहनत करूँगा, लेकिन दीर्घ सूत्रता के कारण असफल हो जाता हूँ। ‘परीक्षा’ शब्द से ही मन में झुरझुरी होने लगती है। ऐसा लगता है कि मानो कोई बड़ी दुर्घटना होने वाली है। देखता हूँ कि इस बार क्या होता है? मन में उत्साह की तरंगें उठ रहीं है।

विकास यादव
3. परीक्षा में प्रथम अंक लाने पर मन पुलकित हुआ
जयपुर
21 फरवरी 2023, सोमवार
रात्रि 9:30 बजे

गर्वित है मन मेरा उड़ता सा,
नयी हवाओं संग जुड़ता सा।

आज मैं बहुत खुश हूँ, क्योंकि आज मेरी इच्छा पूरी हो गई है। आज कक्षा में अध्यापिका ने सभी के सामने परीक्षा परिणाम घोषित किया। जब उन्होंने सबसे अधिक अंक प्राप्त करके प्रथम आने वाली छात्रा का नाम लिया, तब मुझे अपने कानों पर विश्वास ही नहीं हुआ, क्योंकि वह छात्रा कोई और नहीं बल्कि मैं ही थी। सभी साथियों ने मेरी प्रशंसा की। घर आने पर मैंने माताजी-पिताजी तथा दादाजी-दादीजी को रिपोर्ट कार्ड दिखाया, तो वे सभी बहुत प्रसन्न हुए और मुझे न जाने कितने आशीर्वाद दिए।

कंचन
4. अच्छे मित्र के चले जाने के बाद जो दुःख हुआ
जयपुर
21 फरवरी 2023, सोमवार
रात्रि 9:30 बजे

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छिड़कता रहूँगा तुम्हारी यादों का इत्र,
मेरी जिन्दगी तुमसे महकती रहेगी मित्र।

आज मेरा मन बहुत उदास है, क्योंकि मेरे बचपन का मित्र विकास भोपाल छोड़कर रांची जा रहा है। उसके पिताजी का तबादला हो गया है। शाम को वह मुझसे मिलने आया था। वह भी बहुत दुखी था, लेकिन उसने मुझसे वादा किया है कि वह फोन तथा पत्रों के द्वारा मुझसे संपर्क बनाए रखेगा। विकास जैसा मित्र होना बड़ी खुशकिस्मती की बात है। मैं ईश्वर से यही प्रार्थना करूँगा कि दूर जाने पर भी हमारी मित्रता में दूरी न आए।

नीरज
5. परीक्षा में कम अंक प्राप्त करने पर अपने गुण तथा दोष का आंकलन
जयपुर
21 फरवरी 2023, सोमवार
रात्रि 9:30 बजे

होश,हुनर और होंसला होगा,
सबसे ऊँचे पेड़ पर मेरा घोंसला होगा।

आज वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ। इस बार फिर मैं द्वितीय स्थान पर ही आई। मुझे ऐसा लगता था कि इस बार मैं प्रथम स्थान प्राप्त करूँगी। अब मेरी समझ में आ रहा है कि प्रत्येक बार मुझे दूसरा स्थान ही क्यों मिलता रहा है। मुझे स्मरण है कि मैंने 2-3 प्रश्नों के उत्तर कईं बार काटकर लिखे है। ‘ओवर राइटिंग’ भी हुई है। मेरी लिखावट भी साफ-सुथरी नहीं होती है। एक बात और है, मुझमें आत्मविश्वास की जबरदस्त कमी है। मैं कक्षा में भी चुपचाप बैठी रहती हूँ। यदि यही स्थिति रही तो निःसंदेह मैं हर जगह मात खा जाऊँगी। मुझे आत्मविश्वास जगाना ही होगा।

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