महामृत्युंजय मंत्र

महामृत्युंजय मंत्र PDF [Free PDF] Mahamrityunjay Mantra Download

महामृत्युंजय मंत्र PDF [Free PDF] Mahamrityunjay Mantra Download

Mahamrityunjay Mantra Download : धार्मिक ग्रंथों में भगवान शिव के कई स्वरूपों का वर्णन किया गया है, वहीं भगवान शिव का महामृत्युंजय स्वरूप भी माना जाता है. इस रूप में भगवान शिव अपने हाथों में अमृत लेकर अपने भक्तों की रक्षा करते हुए दिखाई देते हैं. इसे और तुझे मंत्र के जाप से किसी भी व्यक्ति की लंबी आयु का वरदान प्राप्त हो जाता है. भगवान शिव की आराधना करने से जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है और उनके मंत्रों का जाप करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. इस मन्त्र के करने से ऐसा माना जाता है कि, इस मंत्र से व्यक्ति मृत्यु पर विजय प्राप्त कर सकता है.

महामृत्युंजय मंत्र

महामृत्युंजय मंत्र

इस मंत्र के छोटे और लंबे दो स्वरूप हैं। मंत्र के इन दोनों स्वरूपों का जाप करने से व्यक्ति हमेशा सुरक्षित रहता है। महामृत्युंजय मंत्र का प्रयोग कई तरह।।।  से किया जाता है। इसका प्रयोग सामान्य रूप और विशेष रूप से भी कर सकते हैं। ज्योतिष के अनुसार, कुंडली के कई विशेष दोष को दूर करने में ये मंत्र ही कारगर  सिद्ध हो सकता है

महामृत्युंजय मंत्र का उल्लेख ऋग्वेद से लेकर यजुर्वेद तक में मिलता है। वहीं शिवपुराण सहित अन्य ग्रंथो में भी इसका महत्व बताया गया है। संस्कृत में महामृत्युंजय उस व्यक्ति को कहते हैं जो मृत्यु को जीतने वाला हो। इसलिए भगवान शिव की स्तुति के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप किया जाता है। इसके जप से संसार के सभी कष्ट से मुक्ति मिलती हैं। ये मंत्र जीवन देने वाला है। इससे जीवनी शक्ति तो बढ़ती ही है साथ ही

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महामृत्युंजय मंत्र

ॐ हौं जूं स: ॐ भूर्भुव: स्व: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्व: भुव: भू: ॐ स: जूं हौं ॐ !!

महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ

त्रयंबकम- त्रि।नेत्रों वाला ;कर्मकारक।

यजामहे- हम पूजते हैं, सम्मान करते हैं। हमारे श्रद्देय।

सुगंधिम- मीठी महक वाला, सुगंधित।

पुष्टि- एक सुपोषित स्थिति, फलने वाला व्यक्ति। जीवन की परिपूर्णता

वर्धनम- वह जो पोषण करता है, शक्ति देता है।

उर्वारुक- ककड़ी।

इवत्र- जैसे, इस तरह।

बंधनात्र- वास्तव में समाप्ति से अधिक लंबी है।

मृत्यु- मृत्यु से

मुक्षिया, हमें स्वतंत्र करें, मुक्ति दें।

मात्र न

अमृतात- अमरता, मोक्ष।

महामृत्युंजय मंत्र का हिंदी में अनुवाद

महामृत्युंजय मंत्र का हिंदी में अनुवाद देखे तो, इसका मतलब होता है कि, हम भगवान शिव की पूजा करते हैं, जिनके तीन नेत्र हैं, जो हर श्वास में जीवन शक्ति का संचार करते हैं और पूरे जगत का पालन-पोषण करते हैं।

महामृत्युंजय मंत्र का जप ऐसे किया जाता है

इस मंत्र का जप करने के लिए आप रुद्राक्ष की माला का उपयोग कर सकते हैं, ऐसा माना जाता है कि, रुद्राक्ष की माला इस मंत्र के लिए सबसे प्रभावी होती है। इस मंत्र के जाप से अकाल मृत्यु असमय मौत का डर भी दूर हो जाता है। साथ ही कुंडली के दूसरे बुरे लोग भी शांत होते हैं इस तरह से 5 तरह से इस मंत्र का जाप कर सकते हैं, और अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं।

महामृत्युंजय मंत्र जप के अन्य फायदे

  • अकाल मृत्यु और असमय मौत का डर दुरे करने में।
  • भय से छुटकारा पाने के लिए 1100 मंत्र का जप किया जाता है।
  • रोगों से मुक्ति के लिए 11000 मंत्रों का जप किया जाता है।
  • पुत्र की प्राप्ति के लिए
  • व्यक्ति के उन्नति के लिए, अकाल मृत्यु से बचने के लिए सवा लाख की संख्या में मंत्र जप करना अनिवार्य है।
  • यदि साधक पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ यह साधना करें, तो वांछित फल की प्राप्ति की प्रबल संभावना रहती है।
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