विष्णु पुराण

Vishnu Puran Hindi PDF Download | विष्णु पुराण (2023)

Vishnu Puran Hindi PDF Download | विष्णु पुराण (2023)

Vishnu Puran : हिंदू धर्म ग्रंथ कई सारे वैदेही और वेदों का सार उपनिषद और उपनिषदों का सार गीता है। यह अन्य ग्रंथ इतिहास परंपरा और कर्मकांड के ग्रंथ माने जाते हैं ।पुराण का अर्थ होता है कि, सबसे पुरातन यानी की सबसे प्राचीन उसी तरह से इतिहास ग्रंथों में बाल्मीकि रामायण वेदेवास कृत महाभारत और पुराणों में आते हैं।

विष्णु पुराण

विष्णु पुराण

उसी तरह से एक पुराण विष्णु पुराण होता है, जिसमें कि विष्णु के अवतारों और विष्णु से जुड़ी हुई सभी बातों को दर्शाया गया है। यह अन्य पुराणों की अपेक्षा का छोटा है और इसमें अब मात्र 7000 श्लोक है। इस पुराण की रचना महर्षि वशिष्ठ के पुत्र और वेदव्यास के पिता पराशर ऋषि द्वारा की गई है।

विष्णु पुराण के अंदर विष्णु भगवान के भक्तों के बारे में वर्णन मिलता है, जिसमें बहुत ही रोचक कथाएं शामिल की गई है। इस पुराण में विष्णु के अवतारों का भी वर्णन है जिसमें श्री कृष्ण चरित्रों रामकथा का भी विशेष उल्लेख किया गया है।

विष्णु पुराण के अध्याय

पुराण के छह अध्याय है। प्रथम में सृष्टि की उत्पत्ति और काल के स्वरूप के साथ ही ध्रुव, पृथु तथा प्रह्लाद की रोचक कथाएं हैं। द्वितीय में सभी लोकों का स्वरूप वर्णन और पृथ्‍वी के नौ खंडों के साथ ही ग्रह-नक्षत्रों का वर्णन मिलेगा। तृतीय में मन्वन्तर काल, वेद शाखाओं का विस्तार, गृहस्थ धर्म और श्राद्ध-विधि आदि का वर्णन मिलेगा। चतुर्थ में सूर्य वंश और चन्द्र वंश के राजा तथा उनकी वंशावलियों का वर्णन है। पंचम में श्रीकृष्ण चरित्र और उनकी लीलाओं का वर्णन है। अंत में छठे अध्याय में प्रलय तथा मोक्ष का ज्ञान मिलेगा।

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यह पुराण छह भागों में विभक्त है (This Purana is divided into six part’s)

पहले भाग ;- में सर्ग अथवा सृष्टि की उत्पत्ति, काल का स्वरूप और ध्रुव, पृथु तथा प्रह्लाद की कथाएं दी गई हैं।

दूसरे भाग ;- में लोकों के स्वरूप, पृथ्वी के नौ खण्डों, ग्रह-नक्षत्र , ज्योतिष आदि का वर्णन है।

तीसरे भाग ;- में मन्वन्तर,  वेद (ved) की शाखाओं का विस्तार, गृहस्थ धर्म और श्राद्ध-विधि आदि का उल्लेख है।

चौथे भाग ;- में सूर्य वंश और चन्द्र वंश के राजागण तथा उनकी वंशावलियों का वर्णन है।

पांचवें भाग ;- में  भगवान कृष्ण (lord krishna) चरित्र और उनकी लीलाओं का वर्णन है

छठे भाग ;- में प्रलय तथा मोक्ष का उल्लेख है।

विष्णु पुराण में ही कृषि चरित्र का वर्णन है। विष्णु पुराण के अंदर आपको कृषि चरित्र कृष्ण चरित्र का भी वर्णन देखने को मिलता है। यद्यपि संख्या में रामकथा का भी उल्लेख इसमें किया गया है। इस पुराण में कृष्ण के समाजसेवी प्रजावाणी लोकरंजन कैसे लोगी तक स्वरूप को भी प्रकट किया गया है, विष्णु पुराण पढ़कर व्यक्ति विष्णु भगवान की प्रसन्न करते हैं।

विष्णु पुराण पढ़ने से क्या लाभ होता है

जो भी व्यक्ति विष्णु पुराण का पाठ करता है, वह इस लोक में सुख भोग पर स्वर्ग में भी सुख को प्राप्त करता है। जब भी उसकी मृत्यु होती है। वह भगवान विष्णु के निर्मल पद को प्राप्त करता है विष्णु पुराण में वेद दूल्हे तथा सभी वर्ग के लोग इसका पाठ कर सकते हैं। इस पुराण के श्रवण मात्र से मनुष्य धर्म तथा विद्या को प्राप्त करता है, जिस भी किसी व्यक्ति को धन की चाहत है या फिर वह विद्या को प्राप्त करना चाहता है तो वह विष्णु पुराण का पाठ जरूर करें।

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